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रौद्र बादल धारण जननी समान ही प्रकृति प्राण मुक्त करती संसार देश एक दूजे के हैं पूरक हिंदी कविता कृष्ण माया कृषक ऐश्वर्या भगवान उजाड़ प्रकृति को अक्षुण्ण बनाना है जीवन मानव

Hindi रौद्र रूप भी धारण करती Poems